बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री के एक्सपोज होने के बाद उनके बचाव में उतरे लोगों का एक लॉजिक बहुत ही तगड़ा है। वह यह नहीं कह रहे कि धीरेंद्र शास्त्री के ढोंग का भंडाफोड़ हुआ है, यह कुतर्क दे रहे हैं कि सनातन धर्म पर लगातार हमला करने की साजिशकर्ताओं का यह एक समूह है। आखिर धीरेंद्र शास्त्री के एक्सपोज होने का सनातन धर्म से क्या रिश्ता, आखिर इससे हिंदू धर्म कैसे खतरे में आ गया।
दूसरा आरोप यह है कि जो खुलासा करने वाले लोग हैं या हिंदू धर्म के पाखंड पर जो प्रश्न उठाने वाले लोग हैं वह क्यों नहीं क्रिश्चियन-मुस्लिमों के खिलाफ आवाज उठाते हैं, जबकि उनके धर्मों में भी पाखंड है। तीसरा सवाल वह यह उठाते हैं कि यह हिंदू धर्म पर एक विशेष तरह का प्रायोजित हमला है, जिसके लिए यूट्यूब बनाए जाते हैं और दुष्प्रचार का पूरा एक वितंडा खड़ा किया जाता है
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि धीरेंद्र शास्त्री के पाखंड ओं के खुलासे की शुरुआत सबसे पहले जनज्वार ने की थी, ऐसे में जनज्वार की जिम्मेदारी है कि इन प्रश्नों के तार्किक जवाब दिए जायें, जिससे कि हिंदू धर्म के भीतर जो लोग भी पाखंडी हों और तथाकथित चमत्कारियों के जाल में फंसे हुए हैं या फंस रहे हैं उन्हें मुक्त कराया जा सके। फिलहाल ही तर्कशास्त्री श्याम मानव ने धीरेंद्र शास्त्री को चमत्कार सिद्ध करने का जो चैलेंज दिया है वह जनज्वार का वीडियो देखने के बाद ही दिया है और यह मुद्दा राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाया हुआ है।
